जीवन पथ के साथी टीम (JPSTUP)
“संघे शक्ति कलयुगे — आज का सहयोग, कल का सहारा”
जीवन पथ के साथी टीम (JPST) उत्तर प्रदेश के मूल निवासी समस्त सरकारी, अर्द्ध-सरकारी एवं राज्य/केंद्र सरकार द्वारा पोषित, अधिकृत, पंजीकृत व मान्यता प्राप्त संस्थानों तथा उपक्रमों के स्थायी एवं संविदा कर्मचारियों का एक पूर्णतः स्वैच्छिक, पारदर्शी, गैर-राजनीतिक और कल्याणकारी संगठन है। JPST की स्थापना का मूल उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सेवारत कर्मचारियों को किसी भी आपातकालीन संकट, अति गंभीर बीमारी, दुर्घटना या असामयिक मृत्यु की स्थिति में परस्पर आर्थिक व सामाजिक सम्बल प्रदान करना है।
टीम के 6 मुख्य मोटो (MOTO)
अनवरत सहभागिता का नियम
जो अनवरत सहयोग करेगा, वही अनवरत सहयोग पाएगा। अधिकार केवल निरंतर कर्तव्य पालन से सुरक्षित रहता है।
संगठन में ही शक्ति
संघे शक्ति कलयुगे — कलयुग में एकता और संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति और संबल है।
परस्पर सम्बल भाव
एक का सहयोग, दूसरे का सहारा — प्रत्येक साथी का छोटा सा अंशदान किसी परिवार का जीवन संवार देता है।
आजीवन सुरक्षा का अधिकार
जीवन के साथ भी, जीवन के बाद भी — सेवाकाल के दौरान सुरक्षा के साथ रिटायरमेंट के बाद भी आजीवन सदस्यता।
सुरक्षा ढाल
आज का सहयोग, कल का सहारा — आज आपके द्वारा बढ़ाया गया हाथ कल आपके संकट में आपकी सुरक्षा ढाल बनता है।
मानव सेवा धर्म
परस्पर सहयोग, सेवा, समर्पण — मानव सेवा ही सबसे पुनीत और सर्वोच्च धर्म है।
मुख्य उद्देश्य एवं कल्याणकारी योजनाएँ
अति गंभीर बीमारी में सहयोग
सदस्य स्वयं अथवा निज आश्रित (माता-पिता, पति/पत्नी, पुत्र/पुत्री) के अति गंभीर इलाज हेतु टीम के समस्त सदस्य मिलकर त्वरित परस्पर आर्थिक सहयोग अभियान चलाते हैं।
अति गंभीर दुर्घटना में सहायता
किसी भी आकस्मिक भीषण दुर्घटना या इमरजेंसी मेडिकल केस की स्थिति में सदस्य तथा उनके आश्रित परिवार के तात्कालिक इलाज के खर्च हेतु सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
असामयिक निधन पर सहारा
यदि किसी भी सेवारत या आजीवन सदस्य का असामयिक निधन हो जाता है, तो दिवंगत साथी के विधिक परिवार/नॉमिनी को सीधे आर्थिक सहयोग राशि ट्रांसफर कराई जाती है।
द्वैत (दोहरा) सहयोग प्रावधान
यदि किसी सदस्य का अति गंभीर बीमारी या दुर्घटना के इलाज के दौरान ही निधन हो जाता है, तो नियमानुसार इलाज के लिए भी और मृत्यु उपरांत परिवार के लिए भी सहयोग अभियान चलाया जाता है।
कन्या विवाह दान सहयोग
टीम से जुड़े प्रत्येक सक्रिय सदस्य की निज पुत्री के शुभ विवाह के अवसर पर सभी सदस्य मिलकर आत्मीय रूप से कन्यादान सहयोग राशि प्रदान करते हैं।
रिटायरमेंट के बाद आजीवन अधिकार
JPST से जुड़ा प्रत्येक सदस्य अपने शासकीय विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद भी आजीवन इस परिवार का हिस्सा बना रहता है तथा सहयोग पाने व करने का हकदार रहता है।
⚖️ 100% पारदर्शिता एवं नियम
JPST की सुचिता और निष्पक्षता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
💳 100% डायरेक्ट ट्रांसफर
JPST अपने पास कोई सेंट्रल फंड एकत्र नहीं करती। पूरी सहयोग राशि सीधे पीड़ित सदस्य या उनके नॉमिनी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
🔒 विशेष लॉकिंग पीरियड
फर्जीवाड़े व निष्क्रियता को रोकने के लिए 4 अनवरत सहयोग अभियानों का 'लॉकिंग पीरियड' लागू है, जिससे केवल समर्पित सदस्य ही लाभान्वित हों।
🧾 डिजिटल सत्यापन प्रणाली
प्रत्येक सहयोग के बाद पोर्टल/गूगल फॉर्म पर ट्रांजैक्शन रिसीप्ट अपलोड करना अनिवार्य है, जिससे पूर्ण साक्ष्य व निष्पक्षता बनी रहती है।
🚫 शून्य सदस्यता शुल्क
संस्था में जुड़ने का कोई बाध्यकारी प्रवेश शुल्क या अनिवार्य मासिक चार्ज नहीं है। यह पूर्णतः स्वैच्छिक एवं पारदर्शी मंच है।
हमारी प्रबन्धकारिणी समिति
श्री अक्षय कुमार
श्री विकास चन्द वर्मा
श्री कमलेश कुमार
श्रीमती दीप्ति सिंह
श्री विनोद कुमार यादव
श्री अनुज कुमार जायसवाल
श्री रिजवान अहमद
श्री पुष्पराज केसरवानी
श्री राजीव कुमार निषाद
श्री बटुकनाथ 'विवेकी'
श्री परदेशी
Mr. Guddu
आपदा में संबल बनें, JPST परिवार से आज ही जुड़ें!
मुख्यालय: ग्राम ददरी, तालुका नौगवा, पोस्ट डांडी, तहसील करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश - 211008
